रष्ट्रपिता और पृथ्वीराज चौहान ! - News Beyond The Media House

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Wednesday, October 2, 2019

रष्ट्रपिता और पृथ्वीराज चौहान !

राष्ट्रपिता नहीं है तू देश का,
तू तो मुल्लों का अब्बा है।
लाखों का हत्यारा है तू,
साक्ष्य भारत का चप्पा-चप्पा है।।
फाड़ किताबे स्कूलों की अब,
बुलंद आवाज मे मिलकर कहो।
गाँधी मुर्दाबाद है और,
नाथुराम गोड़से अमर रहो।।

कितने झूल गए थे सूली पर,
कितनों ने गोली खाई थी।
और कुछ चुतियों को लगता है,
चरखे से आजादी आई थी।।



मणिकर्णिका के विद्रोहों को,
मंगल पाँडे का नाम दिया।
हत्यारा था जो रानी का,
बाबा साईं उसको नाम दिया।।




बँटवारा ही करना था तो,
ढँग से बँटवारा किया होता।
नहीं बसा पाए हिंदु को तो,
मुल्लों को ही भगा दिया होता।।

नहीं पचा पाएँ मनुस्मृती तो,
ढँग का संविधान लिखा होता।
उनको दे दिए दो-दो मुल्क,
हमे भी एक हिंदुराष्ट्र दिया होता।।

         
ना लढ़ सका तू कमजोरी के कारण,
एक बार नेताजी को मौका ।
गली दाल ना अहिंसक चरखे से,
बाहुबलियों का छौंका दे देता।।

कैसे मिल सकती थी आजादी,
भई बिना खड़ग और ढ़ाल के ?
लाखों लोग मरे थे तब जाकर,
                                                     स्वतंत्र हुए थे जंजाल से।।


बँटवारे का जहर पीनेवाला,
हिंदु Communal कहलाता है।
और बम फोड़नेवाला शाँतिदूत,
अल्लाह-हो-अकबर चिल्लाता है।।

एक वध करनेवाला गोडसे आतंकी,
लाखों कटवानेवाला गाँधी अहिंसक हो गया।
यहाँ होली-दिवाली तक Ban हो गई,
वहाँ हलाला सुभान-अल्लाह हो गया।।



दर्द सहा जिन्होने वे शरणार्थी,
और बलात्कारी कश्मीरी हो गए।
भागे हुए पंडित बने विदेशी,
और नमकहराम स्वदेशी हो गए।।






जलती लाशों पर सेंककर रोटियाँ,

कुछ अटल बिहारी हो गए।
हिंदुओं का माँस खानेवाले रोहिंग्या,
कैसे शाकाहारी इंसान हो गए।। 



सारा Bill जयचंद पर फाड़ा और,
मंदबुद्धी हिरो-हिरालाल बन गए।
जो अपनी पत्नी तक को ना बचा पाया,
वैसे कायर पृथ्वीराज बन गए।।

विद्या शब्दभेदी धनुर्रवाली थी,
किंतु मुर्खता बारंबार कर गए।।
गौरी के साथ जो भी करना था,
वो सब लुटने के बाद कर गए।।



According to me जयचंद was not a देशद्रोही ! May be I’m wrong but in that condition also only जयचंद was not responsible for fucking bull Shits because I think पृथ्वीराज was more responsible behind the crores of deaths. Comment your opinion.

भारत के विभाजन की भयानक चित्र !

 

 
 


Say no to हिंदुस्तान जिंदाबाद and say no to जय हिंद !
Only say भारत माता की जय and वंदे मातरम् !


Writer :- Vikas Bounthiyal
Edited by :- NA
Source of article :- NA 
Source of images :- Google non-copyrighted images
Length of the article :-394 Words (Calculated by wordcounter.net)




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