हिंदी दिवस विशेष ! - News Beyond The Media House

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Saturday, September 14, 2019

हिंदी दिवस विशेष !


संस्कृत, देवनागरी, मराठी के बाद जो भाषा Scientific है और मेरे पल्ले पड़ती है वो है हिंदी ! बाकी चटर-पटर अंग्रेजी में "To = टू तो Go = गूँ" क्यों नहीं....?  है ना अंग्रेजी अनपढ़ जाहिलों की "Non- scene" भाषा।



Non-scientific, गुलामी और गुलामों की भाषा अंग्रेजी छोड़े, बेवकुफ ना बने, तनिक हिंदी में बतियाये !



!! हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ !!


हम अपनी भाषा पर गर्व करते हैं यह तो सही है परन्तु लोगो को इसका कारण भी बताईये। हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है उसके पीछे कुछ कारण है !



क, ख, ग, घ, ङ

ये सारे अक्षर कंठव्य कहे गए है क्योंकि इनके उच्चारण के समय ध्वनि कंठ से निकलती है।

इस वैज्ञानिक भाषा के शब्दों को एक बार बोल कर देखिये तो “अंग्रेजी का अंग्रेजी और हिंदी का हिंदी” Sorry मतलब “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जायेगा।



च, छ, ज, झ,ञ

इन अक्षरों को तालव्य कहा गया है क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ तालू से लगती है।

चाहे तो आप इसकी वैज्ञानिकता को केवल एक बार बोल कर देख सकते हैं। अंग्रेजी में Science of Sound देखने नहीं मिलेगा क्योंकी वहाँ गूँ और टू लिखने में कोई Sense नहीं।


ट, ठ, ड, ढ ,ण

इन अक्षरों को मूर्धन्य कहा गया है क्योंकि इनका उच्चारण जीभ के मूर्धा से लगने पर ही सम्भव है।

बाकी अंग्रेजी में तो चाचा, काका, मामा, ठोक्या सब Uncle और मानी, काकी, चाची, छमिया सब Aunty ही होती है।



त, थ, द, ध, न

जैसे अक्षर दंतीय कहे गए हैं क्योंकि इनके उच्चारण के समय जीभ दांतों से लगती है।

पूर्णतह: स्वर विज्ञान पर आधारित भाषा। बाकी अंग्रेजी में राम लिखों या रम (दारू) दोनों की Spellings एक ही होगी।



प, फ, ब, भ, म

इन अक्षरों को ओष्ठ्य कहा गया है क्योंकि इनका उच्चारण ओठों के मिलने पर ही होता है।

ये Sound Engineering का  कमाल है। बाकी जिस Christen ने कहा था की दुनिया गोल है उसे बाईबल के अपमान करने के लिए मृत्यु दंड की सजा मिली थी क्योंकी हाईबल के अनुसार पृथ्वी चपटी थी।

हमारे ऋषियों नें लाखों Sorry करोड़ों Sorry again पृथ्वी बनने से पहले ही कह दिया था की पृथ्वी गोल होगी। सबूत है वेद !


बाकी अंतिम के बचे हुए अक्षर
ह व् य ऱ ल

पंच तत्त्वों के बीज मंत्र है जिनको आप कई वैदिक मंत्रों में पढ़ और सुन सकते हैं।


एक बार फिर सभी को हिंदी दिवस की शुभकामना !



          ऐसा नहीं है की टिवी चैनलों पर सूट-बूट पहनकर आनेवाले, उच्च-शिक्षित, Rich Language बोलने वाले भूतनिकों में से हर कोई समझदार ही होते हैं। अक्सर खुद को न्युज चैनलों पर उच्च हिंदी बोलता दिखाने वाले Anchor या विदेशी संस्थाओं द्वारा Paid होते हैं जिनका उद्देश्य केवल भारत, भारतिय, हिंदु और हिंदी भाषा को नुकसान पहुँचाना होता है।
       
          हिंदी के बारे में जानना है तो हिंदी के जानकारों से जानें ना की Script पढ़कर हिंदी बोलने का प्रयत्न करनेवाले दो कौड़ी के पत्रकारों या बॉलिवुड़ के कलाकारों से सीखें क्योंकी ये भड़वे हिंदी की आड़ में पिछलें सौ सालों से हमें फारसी, ऊर्दु और अंग्रेजी सीखा रहे हैं और हम उसे ही अपनी हिंदी मान रहे हैं। इसलिए बॉलिवुड़ या न्युज चैनल में हिंदी बोली जाती है इस बेवकुफी में ना रहें क्योंकी वहाँ हिंदी छोड़कर बाकी सबकुँछ बोली जाती है।


Writer :- Vikas Bounthiyal
Edited by :- NA
Source of article :- NA 
Source of images :- Google non-copyrighted images
Length of the article :- 578 Words (Calculated by wordcounter.net)


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