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Friday, September 20, 2019

Cafe Coffee Day Owner Mr. V G Siddhartha

Cafe Coffee Day Owner Mr. V G Siddhartha 



      Cafe Coffee Day भूतपूर्व Staff होने के नाते मैं Cafe Coffee Day और इस कंपनी के अंदरूनी हालातों के बारे में के बारे में ज्यादा तो नहीं कह सकता लेकिन Cafe Coffee Day Owner Mr. V G Siddhartha की मृत्यु के बाद उनके प्रति संवेदना और एक भूतपूर्व Cafe Coffee Day Employee एंव एक जिम्मेदार भारतिय होने के नाते इतना जरूर कहना चाहूँगा की Cafe Coffee Day के Loss में रहने और कंपनी के मालिक Mr. V G Siddhartha की कथित आत्महत्या के कई कारण थे लेकिन मैं यहाँ उनके कथित आत्महत्या के कुछ प्रमुख कारणों की बात करूँ तो उनमें "भारत सरकार की पक्षपातपूर्ण आर्थिक नीति, Cafe Coffee Day के Stores के अंदरूनी घोटाले और Corporate Sectors में चल रही आर्थिक मंदी" आदि प्रमुख कारण रहे। 

     Cafe Coffee Day काम के दौरान मैंने सिद्धार्थ सर के बारे में मैंने जितना देखा, सुना और पढ़ा है और जहाँ तक उनके बारे में और उनके Achievements के बारे में मेरी समझ है तो Cafe Coffee Day के Owner Mr. V G Siddhartha के आत्महत्या की बात मुझे कुछ हजम नहीं हो रही इसलिए मैंने उनकी मृत्यु को कथित आत्महत्या कहा है। लेकिन मैं इसे हत्या का नाम भी नहीं दे रहा हुँ किन्तु यदि उनके द्वारा आत्महत्या की बात सही है तो फिर उनके जैसे विजय-पुरुष और दृढ़ संकल्पी व्यक्ती के इस कदम के पीछे कहीं-न-कहीं परोक्ष रूप से हमारे पूरे System और समाज का ही हाथ है। 

      ये वही खोखली पड़ चुकी System और दीमक लग चुका समाज है जहाँ एक तरफ "विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे लोग अय्याशी करते हैं, जहाँ भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी, नेता और भ्रष्ट वित्तिय संस्थाए लोगों का पैसा हजम कर जाती है, कामचोर किसान कर्ज-माफी की माँग करते हैं, मुफ्तखोर सेना, पुलिस टैक्स के पैसो पर मौज उड़ाते है और डकार तक नहीं मारते और दूसरी तरफ हालात से मजबूर होने पर भी Mr. V G Siddhartha अपने अंत समय तक उधार की पाई-पाई चुकाने के लिए प्रयत्नशील रहते हैं।

      इस देश के System और समाज की विडम्बना तो देखिये की हम धूर्त और कामचोर किसानों के कर्ज-माफी के लिए सदैव तैयार रहते है लेकिन Mr. V G Siddhartha जैसे लोग जो इन हरामखोर किसान के कर्ज-माफी का पैसा टैक्स देकर जुटाते हैं उनकी मुसिबत की घड़ी में उनको कोई सहारा नही देते और इसलिए मैं  सिद्धार्थ सर की आत्महत्या को आत्महत्या नहीं मानता और इसको हमारे देश और समाज की विफलता मानता हुँ। हम और हमारा पूरा समाज  सिद्धार्थ सर की मौत के लिए जिम्मेदार है। Shame On Us.


Writer :- Vikas Bounthiyal
Edited by :- NA
Source of article :- My personal views as employee 
Source of images :- Wikipedia
Length of the article :- 456 Words (Calculated by wordcounter.net)


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