NZ vs ENG World Cup Final 2019 - News Beyond The Media House

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Sunday, July 14, 2019

NZ vs ENG World Cup Final 2019

Cricket World Cup Special

आज World Cup का फाईनल मैच है। जैसा की मैंने पहले कहा था की भारत और इंग्लैंड़ फाईनल में जाने वाली थी लेकिन बाद में सेमीफाईनल में धोनी की केवल एक गलती से भारत मैच के अंतिम क्षणों में न्युजिलैंड़ से हार गया। वो पूरा का पूरा मैच पूर्वनियोजित था जिसमें भारत का जीतना तो तय ही था लेकिन धोनी के रन आऊट होने की वजह से मैच ना केवल भारत के हाथ से निकल गया बल्की सट्टेबाजों के गणित को भी गड़बड़ा गया। हाँलाकी सबसे ज्यादा पैसे भारत के जीतने पर ही लगे थे लेकिन हमेशा ही सट्टेबाज उस टिम को हरा डालते हैं जिसपर ज्यादा सट्टा लगा होता है ताकी Public के पैसे हजम करके थोडा बहुत पैसा विपरित टिम पर सट्टा लगानेवाले लोगों में बाँटकर बचे हुए मुनाफे को बटोर सके।

आप सट्टेबाजी के खेल को कुछ ऐसे समझ सकते हैं....👇👇

उदाहरण के लिए कहे तो “यदि भारत की जीत पर २०० रूपये और न्युजीलैंड़ की जीत पर १०० रूपये लगे हो तो सट्टेबाज भारत को हराकर सट्टा खेलनेवाली आम Public को २०० रूपयों का चूना लगा डालते हैं और उन २०० रूपयें में से १०० रूपये उन लोगों में बाँट देते हैं जिन्होंने दुसरी टिम याने की न्युजीलैंड़ पर दाव लगाया होता है। याने की दाव जीतने वाले आम लोगों में जीत का पैसा बाँटने के बाद भी सट्टेबाजों को १०० रूपयों का मुनाफा।

अब इस मुनाफे को आपस में कौन-कौन लोग बाँटते हैं और उन पैसों का किस-किस काम के लिए उपयोग होता है वो बहुत Short में अगली बार के Status में लिखुँगा।

पहले बात करते हैं की फाईनल में कौन-सी टिम के जीतने की ज्यादा संभावना है और ऐसा क्युँ  है ?👉👉

जैसा की मैने पहले कहा था की फाईनल में “भारत और इंग्लैंड़” का जाना Fix हुआ था लेकिन गलती से हुए धोनी के एक रन आऊट ने सट्टेबाजों के किए-करायें पर पानी ही फेर दिया।💦🤣

मुझे एक भाई ने पुँछा था की “अगर सेमिफाईनल के मैच में ही भारत की जीत पर बडा वाला सट्टा लगा था तब सट्टेबाजों ने भारत को सेमिफाईनल के मैच में ही न्युजीलैंड़ से हराने की योजना क्यों नहीं बनाई ? जब सट्टेबाज भारत को सेमिफाईनल में ही हरवाकर पैसा बना सकते थे तो भारत को फाईनल के मैच में ले जाकर हराने का Risk सट्टेबाज क्युँ ले रहे थे ? अगर फाईनल मैच में भी सेमिफाईनल मैच की तरह की इंग्लैंड की तरफ से भी रन आऊट जैसी कोई गड़बड़ हो जाती तो क्या होता....? सट्टेबाज तो कहीं के ना रहते।”

उनके इस सवाल के जवाब में मैने उन भाईसाहब से कहा की “जहाँ से हमारी सोच समाप्त होती है वहाँ से सटोरियों की सोच शुरू होती है। उन लोगो के पास हमेशा किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिती के लिए “Plan B” बना हुआ रहता है।”


उनके इस सवाल के जवाब में मैने उन भाईसाहब से कहा की “जहाँ से हमारी सोच समाप्त होती है वहाँ से सटोरियों की सोच शुरू होती है। उन लोगो के पास हमेशा गड़बड़ी की स्थिती के लिए Plan B बना हुआ रहता है।” सेमिफाईनल में सट्टेबाजों का भारत को जीताने और अपनी जेब से पैसा लोगों में बाँटने के पीछे एक बहुत ही बडी साजिश थी।

यदि भारत सेमिफाईनल में जीत जाता तो लोगों में भारत का फाईनल में जीतने का Confidence बढ़ जाता और फाईनल में भारत की जीत पर बेशुमार दौलत लग जाती। लोगों के इसी Overconfidence के कारण सट्टेबाज फाईनल में भारत को हरवाकर उस बेशुमार दौलत को बडी ही आसानी से हपच लेते। ये था “Plan A” लेकिन एक रनआऊट ने सट्टेबाजों का सारा खेल पलट दिया। सोचनेवाली बात ये हैं की परिणाम जो भी निकले लेकिन सट्टेबाजों ने पैसे तो यहाँ भी बनाएँ। मतलब पासा उल्टा पड़ने पर भी सट्टेबाजों के पैसे तो बन ही गए। अब देखना ये हैं की फाईनल में भारत की अनुपस्थिती में सट्टेबाजों का “Plan B” क्या होगा ?

खैर अब तो भारत World Cup से बाहर हो ही चुका है तो अब बात करते है की आगे की क्या संभावना हो सकती है ?

चुँकी अब लोगों की जगह सट्टेबाज परेशानी में है क्योंकी अब स्थिती ये हैं की लोग किस टिम की जीत पर ज्यादा सट्टा लगाने वाले हैं इसे जानना सट्टेबाजों के लिए टेढ़ी खीर बन चुका है और ऊपर से सट्टेबाजों के लिए इंग्लैंड़ या न्युजीलैंड़ के खिलाड़ियों से Spot Fixing करवाना भारत के खिलाड़ियों की तुलना में ज्यादा मुश्किल वाला Task होनेवाला है क्योंकी इंग्लैंड़ और न्युजीलैंड़ में लगभग सभी खिलाड़ी Rich Family Background से आते हैं। वैसे तो आजकल अपनी टिम के लौंड़े भी अरबपति ही है लेकिन वो कहते हैं ना की नीचता में Indians का कोई मुकाबला नहीं।

वो कहते हैं ना की नीचता में Indians का कोई मुकाबला नहीं। मेरे कहने का मतलब है की बंदर कितना ही बूँढ़ा क्यों ना हो जाएँ लेकिन वो गुलाटी मारना नहीं छोड़ता। ठिक वैसे ही एक Indian चाहे कितना ही धनवान क्यों ना हो जाएँ लेकिन वो चिंदीगिरी, देशद्रोह और हरामीपना नहीं छोड़ेगा। और हाँ मैने यहाँ Indians की बात की है ना की भारतियों की बात की है। अब कुछ लोग Confuse होंगे की Indians और भारतिय एक ही तो हुए लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है🤚😑

जो लोग मुझे व्यक्तिगत रूप से जानते होंगे उनको मेरे विचारों के बारे में पता ही होगा और बाकी के लोग जो मेरे बारे में ज्यादा नहीं जानते वें लोग Oxford की Dictionary में Indian का Meaning Search कर सकते हैं।

आप ऐसा बिल्कुल भी ना सोचे की मैं अपने विचार किसी पर थोंपने का प्रयास कर रहा हुँ। मेरे विचार बिल्कुल स्वतंत्र है जिससे सहमत होना या ना होना आप पर निर्भर करता है। आपकी सहमती या असहमती वाली दोनों ही स्थिती में मैं तटस्थ याने की Neutral मन:स्थिती में ही रहुँगा। मुझे किसी के समर्थन या विरोध पर कोई विशेष फर्क नही पडेगा।

देशभक्ती पर “अल्फा-गामा-बीटा” सभी तरह के विचारों का स्वागत रहेगा....😀

खैर अब आते हैं मुद्दे पर और बहुत थोड़े में तीन सवाल जो की एक मित्र ने मुझसे World Cup शुरू होने से पहले ही पुँछे थे जिनका जवाब जानने में मुझे काफी मत्था-पच्ची करनी पड़ी। आज मैं उन तीनों सवालों को तो आपके सामने रखुँगा लेकिन जवाब केवल एक सवाल का ही दुँगा। बाकी के दो सवालों के जवाब बाद में समय मिलने पर दुँगा।

पहला सवाल :- इस बार के World Cup फाईनल में कौन-सी टिम की जितने की संभावना अधिक है और उस टिम की जीतने की संभावना क्युँ है ?

दुसरा सवाल :-सट्टों में जीते मुनाफे को कौन-कौन-से लोग आपस में बाँटते हैं ?

तिसरा सवाल :-सट्टेबाजी के जीत के पैसों का किस-किस काम के लिए उपयोग होता है ?

आज केवल पहले सवाल का जवाब और बाकी के दो सवालों के जवाब कल या फिर परसों देने का प्रयत्न करुँगा।

इस बार के World Cup फाईनल में कौन-सी टिम की जीतने की संभावना अधिक है इस सवाल का सीधा सा जवाब है सट्टे के Rate Chart पर वर्लडकप के प्रमुख चार दावेदारों की टिम के भाव है जो की कुछ इस प्रकार है।

इंग्लैंड = 15/8
भारत = 13/8
ऑस्टेलिया = 11/4
और न्युजीलैंड = 8/1

अब चुँकी भारत और ऑस्ट्रेलिया वर्लडकप से बाहर हो चुकी है तो उनकी बात करना बेकार है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया को छोड़ दिया जाएँ तो अब बची फाईनल में पहुँची दो टिम इंग्लैंड और न्युजीलैंड़ में सबसे ज्यादा अच्छे भाव इंग्लैंड़ को मिल रहे हैं तब क्या मेरे गणित के हिसाब से इंग्लैंड हारेगी....? यहाँ मैं खुद थोडा Confusion में हुँ लेकिन वर्लडकप के परिणाम को लेकर नहीं बल्की सट्टे के गणित को लेकर। खैर छोडो आपको केवल इस भाव को Calculate कैसे करते हैं उसको समझाता हुँ।

Bid Calculation on next slide....👉👉

For Example :- अगर आज के फाईनल में कोई इंग्लैंड की टिम पर 100 रूपये लगाता है और इंग्लैंड फाईनल जीत जाती है तो तो 15/8 के भाव से सट्टा लगानेवाले को
100*15=1500
1500/8=187.50 का मुनाफा होगा। याने 100 रूपये लगाकर 87 का अतिरिक्त रूपयों का फायदा और इसी गणित के हिसाब से न्युजीलैंड पर 100 रूपयों की बाजी लगाने पर 800 रूपयों का फायदा होगा। तो सीधा गणित यह है की न्युजीलैंड़ हारनी चाहिए क्योंकी यदी न्युजीलैंड गलती से भी जीत जाती है तो सट्टोरियों को बडा नुकसान होगा और उनको पैसे अपनी जेब से चुकाने पडेंगे। फिर भी यदि गड़बड़ी हुई तब भी जैसा की मैं पहले कह चुका हुँ की सट्टोरियो के पास “Plan B” तो तैयार है ही।

ये तो रहा गणितिय पद्धत्ती (Mathematical way) से सवाल का जवाब। चलो अब बात करते हैं Common Sense की....👇👇

Common Sense और वर्तमान परिस्थिती को देखे तो इंग्लैंड और नुजीलैंड दोनों ने कभी वर्लकप नहीं जीता है और लोकप्रियता के मामले में भी दोनों टिम लगभग एक समान ही है। लेकिन एक चीज है जो इंग्लैंड के पक्ष में ज्यादा जाती है।

इंग्लैंड का कप्तान मॉर्गन वो Key Factor है जो इंग्लैंड की जीत के Favor में हैं। मेरा कहने का मतलब कोई यह मत निकालना की मॉर्गन बहुत अच्छा कप्तान या खिलाडी है और वो अपने अकेले के बुते मैंच जितवाने का माद्दा रखता है। ऐसा कतई नहीं है। इंग्लैंड की जीत और मॉर्गन Connection तो है लेकिन उसका मॉर्गन के अच्छे खिलाडी होने या ना होने से कोई तात्पर्य नहीं है। बात तो कुछ और ही है।

वास्तव में कोई भी महत्वपूर्ण क्रिकेट के मैंच मैदान के बाहर ही टेबल पर जीते जाते हैं या युँ कहे तो जीतवाये जाते हैं। चुँकी आयरलैंड की टिम का पूर्व खिलाडी मॉर्गन किस तरह अपने शाही परिवार से संपर्क और अपने रसूक के कारण इंग्लैंड की टिम में ना केवल शामिल हुआ बल्की कप्तान तक बन गया। अब कोई मेरे बारे में ये मत सोचना की बंदा तो बडा जानकार लगता है।

मुझे तो आज से पहले यह तक पता नहीं था की इंग्लैंड का कप्तान कौन है। यदि मुझे इंग्लैड की टिम के सदस्यों की फोटो दिखाई जाएँ तो मैं अभी भी मॉर्गन को पहचान नहीं पाऊँगा....😊 लेकिन मैने आज सुबह गूगल पर मॉर्गन के Cricket Career का Scoring देखा तो मैं इतना कह सकता हुँ की ठिक-ठाक प्रदर्शन या युँ कहुँ की औसत प्रदर्शन होने पर भी इंग्लैंड जैसी टिम का कप्तान बनना कोई खाने का काम नहीं....इसमें बडी लंबी Settings लगती है। खैर मॉर्गन किस तरह इंग्लैंड की जीत का Key Factor है यह समझते हैं....👉👉

इतिहास साक्षी (यहाँ पर धोनी की पत्नी नही🤣) है की केवल रसूकदार और धनवान लोग ही इतिहास बनाते हैं। मॉर्गन भी उन्हीं में से एक हैं। एक तो इंग्लैंड कभी वर्लडकप नहीं जीता है और दुसरा इस बार गलती से भारत फाईनल में नही पहुँच पाई और इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया भी बाहर हो गई और ऊपर से मॉर्गन कप्तान भी है तो इंग्लैंड का जीतना तो लगभग तय ही है।

मेरा कहने का मतलब मॉर्गन जैसे Rich Person के लिये इतिहास बनाने का इस से सुनहरा अवसर कोई दुसरा नहीं हो सकता। मैं यहाँ पर दो टूक कहुँगा की आज का फाईनल जीतने के लिए मॉर्गन ने मैदान के बाहर ही सभी तरह से तिकड़म लगाकर सुनिश्चित कर लिया है और उसने इतिहास में स्वयं का नाम सुवर्ण अक्षरों में दर्ज करवाने की पूरी तैयारी कर ली है। लेकिन मेरी बात पर पूरी तरह से भरोसा करके कोई बडा सट्टा मत लगा देना नहीं तो उसकी हार-जीत के जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।

बाकी के बचे दो सवाल १) सट्टों में जीते मुनाफे को कौन-कौन-से लोग आपस में बाँटते हैं? और २) सट्टेबाजी के जीत के पैसों का किस-किस काम के लिए उपयोग होता है ? दोनें सवालों के जवाब अगली बार दुँगा। फिलहाल के लिए इतना ही।

अंत तक बने रहनेवालों के लिए धन्यवाद....🙏


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