प्रियंका चोपड़ा की सफलता और विवाद - News Beyond The Media House

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Thursday, January 3, 2019

प्रियंका चोपड़ा की सफलता और विवाद

प्रियंका चोपड़ा विशेष :

बॉलीवुड सफर :-

          प्रियंका चोपड़ा का नाम आज बॉलीवुड की सबसे महँगी महिला सितारों के नामों में से एक नाम है। आज वें कामयाबी के जिस पायदान पर खड़ी हैं वहाँ पर पहुँचना कई अभिनेत्रीयों के लिए सपना भर है। किस तरह सन २००० में मिस वर्ल्ड की प्रतियोगिता जीतनेवाली एक औसत सी दिखनेवाली, सॉंवली लड़की बॉलीवुड के शीर्ष नायिकाओं में शुमार हुई और अपने से कम उम्र के विदेशी हॉलीवुड सितारे निक जॉन्स से ना केवल प्रेम किया बल्की उसे विवाह के लिए भी राज़ी किया।

          मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद प्रियंका चोपड़ा को पहली बार फिल्म निर्देशक अब्बास मस्तान ने मौका दिया। उन्होंने प्रियंका चोपड़ा को अपनी रोमांटिक थ्रिलर फिल्म "हमराज" के लिए प्रस्ताव दिया किन्तु बाद में बिना कोई वजह बताये वो फिल्म अमीषा पटेल की झोली में चली गयी। सूत्रों की माने तो इसकी मुख्य वजह अमीषा पटेल की उसी साल हिट फिल्म "कहो ना प्यार है" की सफलता रही होगी। अमीषा पटेल इस फिल्म की वजह से सुर्ख़ियों में थी और युवाओं के दिल और दिमाग में छायी हुई थी, तो इसलिए निर्देशक को ये लगा की अमीषा पटेल की युवाओं में दिलचस्पी को भुनाना प्रियंका चोपड़ा के मुकाबले ज्यादा आसान होगा और इस तरह फिल्म प्रियंका चोपड़ा की जगह अमीषा पटेल को मिल गयी। अपने एक साक्षात्कार में देसी गर्ल प्रियंका ने बॉलीवुड के भाई-भतीजावाद पर टिप्पणी करते हुए कहा की, "बॉलिवुड के बड़े प्रॉडक्शन हाउस के साथ काम करना मुश्किल होता है, अगर आप किसी फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, तब यह मुश्किल आसान हो जाती है। " अब्बास मस्तान द्वारा पहली फिल्म से ही बिना कारण बताये बाहर कर देने की पीड़ा उनके शब्दों में साफ़ दिखाई दे रही थी जिसपर उन्होंने कहा की, "मेरा यह मानना है कि जब आपके अंदर हुनर है तो आपको मौका मिलना चाहिए और यह बात भी उतनी ही सच है कि मुझसे भी कई मौके छीने गए थे।'


          "हमराज़" से निकल जाने की वजह से प्रियंका को अपना पहला डेब्यू करने का मौका एक तमिल फिल्म "थमिजहन" से मिली जिसमे उन्होंने साउथ के सुपरस्टारर थालापथी विजय के साथ लीड रोल किया। 2003 में "द हीरो-Love story of spy" से प्रियंका ने हिंदी फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत की जो उस साल की सबसे सफल फिल्मो में से एक रही थी। हाँलाकि इस फिल्म में उनका किरदार काफी छोटा था लेकिन सनी देओल और प्रीति जिंटा जैसे सशक्त अदाकारों के बीच प्रियंका ने अपनी अदाकारी की एकअलग ही छाप छोड़ी जिसे फिल्म समीक्षकों व दर्शको द्वारा काफी सराहा गया। इसके बाद प्रियंका अपने कॅरिअर के काफी उतार-चढ़ावों भरे दौर से गुजारी और Box-office पर भले ही उनकी फ़िल्में Flop रहे या Hit किन्तु उनकी Popularity में कभी कमी नहीं आयी। उन्होंने अब तक ४० फ़िल्में की है जिसमे "मुझसे शादी करोगे", "डॉन", "डॉन-२", "मैरी कोम" जैसी हिट फिल्मों के साथ-साथ "अग्निपथ" और "बर्फी" जैसी सुपर हिट फ़िल्में भी रही। प्रीति झिंटा Starer "कोई मिल गया" के Sequel "कृष" में प्रियंका चोपड़ा और ह्रितिक रोशन की जोड़ी को दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया और "कृष" तथा "कृष-३" १०० करोड़ कमानेवाली फिल्मों के Club में शामिल होकर उस साल की Blockbuster फ़िल्में साबित हुई।  इन दोनों फिल्मों के अलावा "डॉन-२", "अग्निपथ" और "बाजीराव मस्तानी" फिल्मे Blockbuster तो नही रही लेकिन Collection के मामले में १०० करोड़ की कमाई पार कर गयी और उस साल की Hit फ़िल्में साबित हुई। प्रियंका अपने करियर के खराब दौर से गुजारी हो ऐसा तो कई बार हुआ लेकिन २००८ का एक ऐसा भी समय आया जब ऐसा लगने लगा था की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा का बॉलीवुड का सफर बस यही तक का था और अब उनको अपने फ़िल्मी करियर को अलविदा कह देना चाहिए।
                                               
           प्रतिभा से भरपूर लेकिन अपने करियर से जूझ रही प्रियंका को संभालने के लिए वक्त से केवल एक मौके की तलाश थी और वो मौका उनको मिल भी। वो कहते हैं ना की "डूबते को तिनके का सहारा" तो वही कहावत चरितार्थ हुई। २००८ में आई Fission फिल्म ने प्रियंका चोपड़ा की लगभग ख़त्म हो चुकी Fuel वाली बॉलीवुड की गाडी में ईंधन का काम किया और उनको इसके बाद २००८ में ही आयी अभिषेक बच्चन-जॉन अब्राहम के साथ "दोस्ताना" में लीड रोल मिला जिसमे उन्होंने एक बार फिर बेहतरीन अभिनय के बल पर दर्शको में अपनी एक अलग पहचान बनायी और उसके ही अगले साल २००९ में निर्देशक विशाल भरद्वाज की फिल्म "कमीने" में भी शहीद कपूर के साथ काम करने का शानदार मौका मिला जिसे देसी गर्ल ने हाथो हाथ लिया और इसके बाद फिल्मे Flop हुई हो या Hit हुई हो प्रियंका की गाडी  Break कभी नहीं लगा। प्रियंका का  फ़िल्मी करिअर अब Ventilator से उतरकर रफ़्तार पकड़ चूका था और प्रियंका चोपड़ा ने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और रफ़्तार पकड़ चुके अपने फिल्मी करियर की गाडी का Exilator दबाये रखा जिसके कारण उनकी फ़िल्मी गाडी Hollywood तक जा पंहुची। २०१७ में प्रियंका को "लॉस एंजिल्स काउंटी लाइफगार्ड्स" परआधारित अमेरिकन एक्शन ड्रामा टीवी सीरिज़ 'बेवॉच' पर आधारित Hollywood के निर्देशक सेंथ गॉर्डन की एक अमेरिक एक्शन-कॉमेडी फिल्म "Baywatch" में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ जिसमे प्रियंका ने एक विक्टोरिया लीड्स नामक Club मालकिन का किरदार निभाया।

यदि आज शिवाजी और महाराणा प्रताप होते तो इस विवाद पर क्या कहते ? उसे मेरी एक कविता के माध्यम से जानने के लिए यहाँ पर Click करें। 


हॉलीवुड का सफर और विवाद :

          "Baywatch" फिल्म प्रियंका के बिकनी अवतार और हॉट सिजलिंग अवतार की वजह से काफी विवादों में रही। हालाँकि बाद में निर्माताओं की टीम ने देसी गर्ल के देसी फैंस को ध्यान में रखकर उनके कुछ बोल्ड शॉट्स कम किये ताकि उनको प्रियंका का अधिक खुलापन ना अखारे और फिल्म शर्मीले किस्म के भारतीय दर्शको द्वारा भी पसंद की जाए। प्रियंका को इस फिल्म में ड्वेन जॉनसन ('The Rock') समेत कई दिग्गजों के बीच में काफी कम फुटेज मिला किन्तु कम फुटेज में भी उन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से लोगो का दिल जीत लिया। हालाँकि यह फिल्म कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पायी और विदेशो में ही नहीं बल्किभारत के Box- office में भी ये फिल्म कुछ ख़ास नहीं कर पायी किन्तु हाँ प्रियंका को इस फिल्म से फायदा ही हुआ और उनहोंने इस फिल्म से खूब सारी तारीफें और सुर्खियाँ तो बँटोरी ही।

          इस से पहले American Broadcasting Company (ABC) के एक थ्रिलर सीरीज Quantico के एक एपिसोड में प्रियंका के एक डॉयलॉग ने खूब बवाल मचाया जिसमे आतंकी हमलों के पीछे हिंदू राष्ट्रवादीयों का हाथ होने की बात कही गयी थी और पकिस्तान जैसे इस्लामिक आतंकवादी देश को निर्दोष और हिन्दुओं की साजिश का शिकार साबित करने की कोशिश की गयी। गौरतलब है की पिछले कुछ दशकों से अंतराष्ट्रीय मंच पर हिन्दुओं को आतंकवादी व मुसलमानों को मासूम और सताया हुआ साबित करने की कई कोशिशें की गयी। ऐसे में यदि कोई ये कहे की Quantico में कहे गए गए हिन्दू और भारत विरोधी डॉयलॉग का दूरगामी परिणाम क्या होगा ये ३५ वर्षीया परिपक़्व महिला प्रियंका चोपड़ा को पता नहीं होगा और उनको जो Script  मिली उसके अनुसार उन्होंने काम किया तो वैसा कहनेवाला कोई बेवकूफ ही होगा। हाँलाकि की Twitter पर लोगों  की लताड़ व मुद्दे को मुद्दे को ट्रोल किये जाने पर प्रियंका ने इस बात के लिए माफ़ी माँगी और ये कहाँ की,  "Quantico के इस विवादित एपिसोड से कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसके लिए वो दुखी हैं और माफी चाहती हैं. उनका मकसद कभी भी किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। "



प्रियंका का Troll पर Tweet :


I’m extremely saddened and sorry that some sentiments have been hurt by a recent episode of Quantico. That was not and would never be my intention. I sincerely apologise. I'm a proud Indian and that will never change.




          Quantico से एकओर प्रियंका पर Anti-nationalist का आरोप लगा तो दूसरी ओर प्रियंका को अपना जीवनसाथी भी यही पर मिला।  Quantico television drama series में काम करने के दौरान ही प्रियंका और निक जोन्स की मुलाक़ात हुई जो आगे चलकर प्यार फिर शादी तक पहुँची। Quantico के विवाद को अधिक तूल पकड़ता देख इस शो के निर्माताओं ने प्रियंका का बचाव करते हुए विवादित डॉयलॉग की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और कहाँ की, "इस सब में प्रियंका की कोई गलती नहीं है उन्होंने तो केवल दिए गए Script पर किया।"  लेकिन इन सब के बावजूद प्रियंका को ये समझना चाहिए था की सबसे पहले वें एक भारतीय है, फिर एक हिन्दू और उस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात की वें एक रोल मॉडल और एक Celebrity है तो उनका इस तरह के देश-विरोधी डॉयलॉग वाले Script लिखे होने के बावजूद उस पर काम करना दाल में कुछ काले की ओर इशारा करता है। 


देशद्रोह का आरोप :    

          देसी गर्ल पर Anti-nationalist का आरोप नया नहीं है। २०१६ में एक Traveler Magazine के कवर पर प्रियंका की एक फोटो पर भी विवाद हुआ जिसमे उनके पहने टॉप पर माइग्रेंट, रेफ्यूजी, और आउटसाइडर  जैसे शब्दों को एक लाल लकीर से काटा गया था और उनके नीचे Traveler लिखा था जो बेहद बचकाना और अप्रत्यक्ष रूप से देश में अवैध रोहिंग्यान मुसलमान घुसपैठियों के पक्ष में उनकी अपनी राय को दर्शा रहा था किन्तु बाद में ३३ वर्ष की उम्र पार कर चुकी एक परिपक़्व और युवाओं की रोल मॉडल ने इस पर भी माफ़ी माँग ही ली। प्रियंका चोपड़ा बाल अधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था Unicef की ग्लोबल गुडविल एंबेसडर बानी और उसपर भी विवादों में घिर गयी जब वें म्यांमार से जान बचाकर भागे रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थीयों से मिलने बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार के शरणार्थी कैंप में गयी जो दुनिया के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंपों में से एक है। लोग जो प्रियंका के देश विरोधी हरकतों से पहले से ही चिड़े थे उन्होंने इसपर भी प्रियंका को आड़े हाथों लिया। Twitter पर प्रियंका से सवाल पूँछे गए की "कुछ शरणार्थी तुम्हारे अपने देश भारत में भी रहते हैं जिन्हें कश्मीरी पंडितों के नाम से जाना जाता है तो तुम्हे कभी  उनके अधिकारों की चिंता क्यों ना हुई ?" प्रियंका को सोशल मीडिया पर काफी रोष का सामना करना पड़ा और उनके हिन्दू-भक्षक रोहिग्या-मुसलमानों की पैरवी करना तब काफी महँगा पड़ा जब वें हाल ही में बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के बीच आयीं जिससे भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी बवाल हुआ। प्रियंका पर यह आरोप लगा की "प्रियंका किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति या किसी अंतर्राष्ट्रीय दबाव के कारण ही भारत में पाकिस्तान से आये हिन्दू शरणार्थियों के कैंप में अथवा भारत में ही रह रहे भारतीय नागरिक कश्मीरी पंडितों के शरणार्थी कैम्पों में ना जाकर, बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार के रोहिंग्या शरणार्थियों के कैंप में मानवता बिखेररहीं  है।" 

कश्मीरी पंडितों की स्थिति से निपटने का भगवत गीता का मार्ग पर मेरी एक कविता पढ़ने  यहाँ पर Click करें।



















 
       Unicef से जुड़ने और रोहिग्यान कैम्पों में मानवता बिखेरने के उनके इस कदम को लेकर कई राष्ट्रवादी संघटनों और हिंदूत्व को मानने वाले लोगों ने अपना रोष प्रकट किया। वही देश विदेश की राजनीति से जुड़े समीक्षकों ने भी प्रियंका जैसी सैलेब्स का एक धर्मविशेष के लिए इतनी उदारता को राष्ट्र के मानसपटल पर गलत सन्देश जाने की बात कही और इसे भारत की आतंरिक-सुरक्षा के मद्देनज़र भी खतरनाक बताया। गौरतलब है की बर्मा सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानो को अशांति फ़ैलाने, दंगा  करने, हत्या, बलात्कार और आदमखोरी जैसे जघन्य हिंसक अपराधों के चलते देश से निष्कासित किया था और रोहिंग्यान मुसलमान बर्मा से भगाएं जाने पर समीप के देश चीन ना जाकर एक जोखिमभरी लम्बी और थकाऊ यात्रा करके भारत की सीमा में अवैध ढँग से घुसपैठ कर दाखिल हुए, जबकि दूसरी तरफ पकिस्तान से अल्पसंख्यक हिन्दू वहाँ के मुसलामानों द्वारा उनपर हो रहे हिंसा व अत्याचार के कारण भारत में शरण लिए हुए हैं। "ऐसे में प्रियंका का बांग्लादेश में आदमखोर रोहिंग्याओं के बीच जाकर मानवता दिखाना उनकी अपने समाज, अपने देश व अपने कर्तव्यों के प्रति रवैये पर एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर रहा है।"








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