गजलें मेरी गुनगुनाते है लोग ! - News Beyond The Media House

News Beyond The Media House

झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल EXPOSE FAKE NEWS झूठी खबरों की पोल खोल बिकाऊ मिडिया पर जोरदार प्रहार BY विकास बौंठियाल !!

नया है वह

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Wednesday, December 5, 2018

गजलें मेरी गुनगुनाते है लोग !



रिश्ते गजब के यूँ निभाते है लोग,
बुलाने पर भी नही आते है लोग...

लगी आग बस्ती में जब भी कभी,
हवा और देकर बुझाते है लोग...

कहने तो आई नहीं हमको गजल,
सुना गजलें मेरी गुनगुनाते है लोग..

रह ही गया शायर तनहा ही तनहा,
कृष्णा है कह उंगली दिखाते है लोग...

जमीं को रुला आसमां को जलाके,
कल कारखाने अब लगाते है लोग...

आँखों में समंदर रोपकर के हमारे,
प्यार कुछ यूँ हमसे जताते है लोग...

मन मलंग आज गर तेरा है कृष्णा,
दुनियाँ के झमेले छोड़ सताते हैं लोग...

दुनियाँ डूबी है मौकापरस्ती में यारो,
चंद रुपयों की खातिर सर उड़ाते हैं लोग...

✍️कृष्णा पांडे

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages